प्रयागराज से मेरठ अब सिर्फ 6 घंटे: गंगा एक्सप्रेसवे से सफर होगा आसान

लखनऊ
यूपी परिवहन निगम की कोई भी बस अभी प्रयागराज से सीधे मेरठ नहीं जाती है। वहां जाने के दो माध्यम हैं, ट्रेन या फिर निजी साधन। प्रयागराज से जो दो एक्सप्रेस ट्रेन मेरठ जाती है, उसमें से एक जितना समय लेती है उससे आधे से भी कम तो दूसरी से लगभग ढाई घंटे कम समय में ही निजी साधन से गंगा एक्सप्रेस वे के जरिए मेरठ पहुंचा जा सकेगा।
दावा किया जा रहा है कि गंगा एक्सप्रेस वे से मेरठ तक की दूरी छह घंटे में तय हो सकेगी। प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन से नौचंदी एक्सप्रेस रोजाना शाम 5.50 बजे चलकर 653 किमी की दूरी तय करते हुए अगले दिन सुबह 8.30 बजे मेरठ पहुंचती है। यह ट्रेन लखनऊ, हरदोई, बरेली, मुरादाबाद, अमरोहा व हापुड़ से होकर मेरठ जाती है।
कुल 14 घंटे लगते हैं पर गंगा एक्सप्रेस वे पर निजी साधन से सफर करने में इससे लगभग आठ घंटा कम लगेगा। इसी तरह सूबेदारगंज स्टेशन से चलने वाली संगम एक्सप्रेस फतेहपुर, कानपुर, इटावा, टुंडला, हाथरस, बुलंदशहर व हापुड़ होते हुए मेरठ तक करीब 8.30 घंटे में पहुंचती है।यह ट्रेन सूबेदारगंज से शाम 5.50 बजे चलती है और अगले दिन 637 किमी की दूरी तय करके सुबह 8.30 बजे पहुंचती है।
इस ट्रेन से जितना वक्त लगता है, उससे ढाई घंटा कम गंगा एक्सप्रेस वे से लगेगा। अपने निजी वाहन से मेरठ जाने वालों को अभी तक कानपुर के रास्ते होकर जाना पड़ता था। एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण हो जाने से 594 किमी का सफर छह घंटे में पूरा हो जाएगा। प्रयागराज की सोरांव तहसील के जूड़ापुर दांदू गांव के पास एक्सप्रेस-वे का दूसरा टोल प्लाजा बनाया गया है।
प्रतापगढ़ से 143 किमी दूरी कम, बचेंगे छह घंटे
अभी तक प्रतापगढ़ से मेरठ जाने के लिए न तो कोई सीधी ट्रेन है और न ही यूपी परिवहन निगम की कोई बस ही वहां के लिए चलती है। काशी और पद्मावत दो ट्रेन हैं, जो प्रतापगढ़ होते हुए हापुड़ तक जाती हैं। हापुड़ तक जाने में ही दोनों ट्रेन दस घंटे से अधिक का समय लेती हैं। सीधे मेरठ जाने वालों के पास एक मात्र विकल्प निजी साधन है। निजी साधन से मेरठ जाने में अभी 11 से 12 घंटे लगते हैं। प्रतापगढ़ से मेरठ तक की कुल दूरी 738 किमी है, गंगा एक्सप्रेस वे से यह दूरी कम होकर 595 रह जाएगी। 143 किमी कम होने और एक्सप्रेस वे के सुगम यातायात की वजह से यह दूरी आधे समय यानी छह घंटे में ही तय की जा सकेगी। इससे उन कारोबारियों को खास तौर से सहूलियत होगी, जिनका कारोबार के सिलसिले में अक्सर मेरठ तक जाना होता है।



