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राजामौली की ‘वाराणसी’ में राम-कुंभकर्ण का 30 मिनट का महायुद्ध, बड़ा खुलासा

दिग्गज फिल्ममेकर एस.एस. राजामौली की आने वाली फिल्म 'वाराणसी' (Varanasi) को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज बना हुआ है. इस फिल्म से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट फैंस की धड़कनें बढ़ा देती है. अब इस मेगा-बजट फिल्म को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है.

दरअसल राजामौली के पिता और फेमस राइटर के.वी. विजयेन्द्र प्रसाद ने कन्फर्म किया है कि फिल्म में रामायण के काल से जुड़ा भगवान श्रीराम और महाबली कुंभकर्ण के बीच का एक भयंकर युद्ध देखने को मिलेगा.  यह कोई छोटा-मोटा सीन नहीं, बल्कि पूरे 30 मिनट का एक सीक्वेंस होने वाला है, जो सिनेमाघरों में फैंस के रोंगटे खड़े कर देगा.  फिल्म में सुपरस्टार महेश बाबू भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे.

अनजाने में खोल दिया फिल्म का बड़ा राज
हाल ही में 'फिल्मी फोकस' के एक इवेंट के दौरान राजामौली के पिता विजयेन्द्र प्रसाद से इस 30 मिनट के जादुई सीन के बारे में सवाल किया गया. जब उनसे पूछा गया कि यह सीन पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित है या फिर इसका कोई पॉलिटिकल कनेक्शन है, तो उन्होंने खुलकर बात रखी. राइटर ने कहा, 'यह असल में राम और कुंभकर्ण के बीच की लड़ाई का सीन है… आपने ट्रेलर में भी इस बात को नोटिस किया होगा, है ना? वहां राम और कुंभकर्ण दिखाई देते हैं. इसके साथ ही भगवान हनुमान की पूंछ और उस पर एक रथ भी नजर आता है. मैं उसी विजुअल की बात कर रहा हूं… वह सच में मंत्रमुग्ध कर देने वाला है.'

हालांकि, बातचीत के दौरान उन्हें जल्द ही इस बात का अहसास हो गया कि उन्होंने फिल्म के सस्पेंस को लेकर कुछ ज्यादा ही जानकारी दे दी है. इसके बाद जब उनसे फिल्म के टाइम जोन और इस अनोखे आइडिया के बारे में और कुरेदने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए बात को टाल दिया और कहा, 'हमें इस विषय पर अब और ज्यादा बात नहीं करनी चाहिए.'

महेश बाबू को देख राजामौली के खड़े हो गए थे रोंगटे
डायरेक्टर एस.एस. राजामौली पहले ही इस बात पर मुहर लगा चुके हैं कि महेश बाबू फिल्म में 'राम' की भूमिका निभा रहे हैं. पिछले साल एक कार्यक्रम के दौरान राजामौली ने महेश बाबू के लुक को लेकर अपना एक्सपीरियंस शेयक किया था. उन्होंने बताया, 'शूटिंग के पहले दिन जब महेश फोटोशूट के लिए भगवान राम के पूरे गेटअप में तैयार होकर मेरे सामने आए, तो उन्हें देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे. एक पल के लिए तो मैं खुद उलझन में पड़ गया था. महेश के चेहरे पर जहां एक तरफ भगवान कृष्ण जैसा जादुई आकर्षण है, वहीं दूसरी तरफ श्रीराम जैसी असीम शांति और सौम्यता भी है. उनके इस लुक को देखकर मेरा भरोसा दोगुना हो गया. मैंने उस तस्वीर को अपने फोन का वॉलपेपर भी बना लिया था, लेकिन बाद में इस डर से हटा दिया कि कहीं कोई और इसे देख न ले.'

60 दिनों में शूट हुआ यादगार सीक्वेंस
इस महायुद्ध के सीन को फिल्माना राजामौली और उनकी पूरी टीम के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था. राजामौली ने बताया कि इस पूरे सीक्वेंस को कैमरे में कैद करने के लिए उन्हें पूरे 60 दिनों तक लगातार शूटिंग करनी पड़ी, जिसे हाल ही में पूरा किया गया है. उन्होंने कहा, 'शूटिंग का हर एक दिन हमारे लिए एक नई चुनौती लेकर आता था. इस सीक्वेंस का हर एक एपिसोड और सब-एपिसोड अपने आप में एक पूरी फिल्म की तरह भारी-भरकम था; हमें हर एक फ्रेम को नए सिरे से सोचना और प्लान करना पड़ता था. मुझे पूरा विश्वास है कि यह सीन मेरे और महेश बाबू, दोनों के फिल्मी करियर के सबसे यादगार और ऐतिहासिक दृश्यों में से एक साबित होगा.'

जब यह सीक्वेंस पहली बार रिलीज हुआ, तो फैंस ने अंदाजा लगाया कि फिल्म टाइम ट्रैवल पर आधारित है. राइटर के अपडेट के बाद इस फिल्म को लेकर उत्साह अब अपने चरम पर है. महेश और पृथ्वीराज के अलावा, इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा भी हैं और यह इंडियन सिनेमा में उनकी वापसी है. यह फिल्म 2027 में रिलीज होने वाली है.

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