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दिल्ली की 675 झुग्गी बस्तियों के 4 लाख परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान, 1.5 लाख रुपये देने होंगे

नई दिल्ली
 दिल्ली की करीब 675 झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों को पक्के मकान देने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने झुग्गी-झोपड़ी (JJ) बस्तियों के पुनर्विकास और पुनर्वास की नीति 2026 की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इसके तहत करीब 4 लाख परिवारों को 25 वर्ग मीटर कारपेट एरिया वाला 1-BHK फ्लैट देने का टारगेट है। योजना का फायदा 1 जनवरी 2025 से पहले बसी झुग्गियों के पात्र परिवारों को मिलेगा।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का मकसद केवल झुग्गियों को हटाना या बस्तियों का पुनर्विकास करना नहीं है बल्कि वहां रहने वाले पात्र परिवारों को ऐसा पक्का आशियाना देना है। झुग्गी के बदले फ्लैट देने की नीति को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की 13 अगस्त की बैठक में मंजूरी मिली थी। इसके बाद कैबिनेट और एलजी की मंजूरी के बाद इसे लागू किया गया।

लाभार्थी को जमा कराने होंगे 1.5 लाख रुपये
नीति में झुग्गी बस्ती के उसी स्थान पर या आसपास पुनर्वास को प्राथमिकता दी गई है। लाभार्थी को 1.50 लाख रुपये मकान के लिए और 5 साल के रखरखाव के लिए 50 हजार रुपये कॉर्पस फंड में जमा कराने होंगे। फ्लैट शुरुआत में 10 साल की लॉक-इन अवधि के साथ लीज होल्ड आधार पर मिलेगा। इसके बाद बकाया रकम, बिजली-पानी बिल, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य शुल्क चुकाने पर मालिकाना हक दिया जाएगा। दिव्यांग सदस्य वाले परिवारों को ग्राउंड फ्लोर पर प्राथमिकता मिलेगी। लाभार्थियों की मौजूदगी में कम्प्यूटराइज्ड ड्रॉ के जरिए आवंटन होगा।

ये परिवार होंगे पात्र
लाभार्थी भारतीय नागरिक और कम से कम 18 साल का होना चाहिए। उसका नाम 1 जनवरी 2025 से पहले की वोटिंग लिस्ट और सर्वेक्षण वर्ष की लिस्ट में होना जरूरी है। संबंधित एजेंसी के सर्वे में भी नाम दर्ज होना चाहिए। परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में मकान नहीं होना चाहिए।

ये पात्र नहीं होंगे
    सेवारत और रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी योजना के पात्र नहीं
    झुग्गी के व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों को फायदा नहीं
    1 जनवरी 2025 के बाद बनाई गई झुग्गियों पर लाभ नहीं

ये दस्तावेज जरूरी
पात्रता के लिए 1 जनवरी 2025 से पहले के दस निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक देना होगा। इनमें फोटोयुक्त राशन कार्ड, बिजली बिल, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, सरकारी बैंक या पोस्ट ऑफिस की फोटोयुक्त पासबुक, जाति या दिव्यांगता प्रमाणपत्र, सरकारी स्कूल का पहचान पत्र, पेंशन दस्तावेज, स्वास्थ्य बीमा का कार्ड शामिल है।

पुनर्वास की दो श्रेणी में 4 योजनाएं
नीति में पुनर्वास के लिए दो श्रेणियों में 4 योजनाएं बनाई गई है। पहली श्रेणी में सरकारी फंड से पहले बने खाली फ्लैटों में परिवारों को बसाने और सरकारी जमीन पर नए मकान बनाने का प्रावधान है। दूसरी में पीपीपी मॉडल के तहत निजी डिवेलपर पुनर्विकास करेगा। डिवेलपर को अस्थायी आवास या किराये के मकान की व्यवस्था करनी होगी। आवंटित अस्थायी आवास में रहना जरूरी होगा।

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