33 गेंदों में तूफानी शतक, 10 चौके-8 छक्के… फिन एलन का कहर, न्यूजीलैंड से हार के बाद छलका मार्करम का दर्द

कोलकाता
ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में एक बार फिर साउथ अफ्रीका की कहानी नॉकआउट में आकर बिखर गई. अफ्रीकी टीम बुधवार (4 मार्च) को एक बार फिर चोकर्स साबित हुई। ईडन गार्डन्स में दबाव, मौका और मंच, तीनों ने प्रोटियाज टीम का साथ नहीं दिया. दूसरी ओर न्यूजीलैंड ने बड़े मैच की समझदारी और आक्रामकता का बेहतरीन नमूना पेश करते हुए 9 विकेट से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट कटा लिया. इसके साथ ही इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड भी बने।
कीवी टीम अब 2021 में जो खिताब जीत नहीं पाई थी, उस इरादे से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च को उतरेगी. जहां उसका मुकाबला आज (5 मार्च) को भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
मैच लगभग 20 दिन पहले हुए ग्रुप स्टेज मुकाबले का उल्टा रूप था. तब साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को एकतरफा हराया था, लेकिन सेमीफाइनल में कीवी टीम ने पूरा हिसाब बराबर कर दिया।
चेहरे पर थप्पड़ तो नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है …….
'यह एक बड़ा… चेहरे पर थप्पड़ तो नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है, हमें और मजबूत होकर आगे बढ़ना होगा और एक टीम के तौर पर बेहतर बनना होगा।
ये जज्बात साउथ अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्करम के पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में न्यूजीलैंड से टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार के बाद थे।
न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में 9 विकेट से हराया और 8 मार्च को अहमदाबाद में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का टिकट कटवा दिया।
साउथ अफ्रीका ने पहले खेलते हुए 169 का स्कोर बनाया था. जवाब में न्यूजीलैंड ने इस टारगेट को महज 12.5 ओवर्स में 173/1 का स्कोर बनाकर चेज कर लिया. न्यूजीलैंड की टीम की जीत के सबसे बड़े हीरो फिन एलन रहे. जिन्होंने नाबाद 33 गेंदों पर 100 रन जड़कर टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक जड़ा।
टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराया. इससे पहले रिकॉर्ड 0-5 था. लेकिन इस बार कहानी पलट गई. टूर्नामेंट में अजेय चल रही साउथ अफ्रीका की टीम दबाव में ढह गई और न्यूजीलैंड ने फाइनल का टिकट कटाया।
आखिर कोलकाता में साउथ अफ्रीकी टीम की हार की वजह क्या रही? इसे लेकर एडेन मार्करम ने हार की परतें खोलकर रख दीं. साउथ अफ्रीका के कप्तान मार्करम ने हार की वजह साफ शब्दों में बताई- शुरुआत में गेंद ठीक से बैट पर नहीं आ रही थी. कुछ गेंदें रुक रही थीं, कुछ नीचे रह रही थीं. न्यूजीलैंड ने नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की और दबाव बना दिया. उसी दबाव में हमने विकेट गंवाए।
मार्करम ने माना कि 170 तक पहुंचना 'अच्छा प्रयास' था और हाफ टाइम तक टीम को मुकाबले में वापसी की उम्मीद थी. लेकिन पावरप्ले में जो हुआ, उसने मैच छीन लिया. न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज फिन एलन ने 33 गेंदों में शतक जड़कर मैच को एकतरफा बना दिया।
मार्करम ने खुद स्वीकार किया- कोई बल्लेबाज ऐसी पारी खेल दे, तो फील्डिंग टीम के तौर पर आप अक्सर सही नतीजे की उम्मीद नहीं कर सकते. पावरप्ले में न्यूजीलैंड को तूफानी शुरुआत मिली और उसके बाद मैच पूरी तरह उनकी पकड़ में चला गया. टिम सिफर्ट ने भी तेज पारी (33 गेंद 58 रन) खेलकर अफ्रीका की उम्मीदें खत्म कर दीं।
क्या गलत पढ़ी गई पिच? मार्करम ने मानी गलती
मार्करम ने माना कि टीम ने विकेट को गलत आंका. उन्होंने कहा-हमें लगा था कि पिच अच्छी खेलेगी. शायद हमें जल्दी एडजस्ट करना चाहिए था. थोड़ा पुराना तरीका अपनाकर 190 तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए थी. अहमदाबाद में अनुकूल परिस्थितियों में खेलने वाली साउथ अफ्रीका इस स्टॉपी पिच पर तालमेल नहीं बैठा सकी. बल्लेबाजी में लय नहीं बनी और गेंदबाजी में कोई जवाब नहीं मिला।
हार के बाद मार्करम ने कहा कि पहले खिलाड़ियों को इमोशनली शांत करने का समय दिया जाएगा, फिर टीम मिलकर विश्लेषण करेगी. यह हार थप्पड़ तो नहीं लेकिन वैसा ही महसूस हो रहा है. लेकिन हमें इससे मजबूत बनकर लौटना होगा।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल ने कहा कि उनकी टीम ने ‘क्रंच गेम’ में परफेक्ट प्रदर्शन किया. उन्होंने माना कि 170 का स्कोर चुनौतीपूर्ण हो सकता था, लेकिन पावरप्ले की साझेदारी ने रास्ता आसान कर दिया. अब न्यूजीलैंड के पास अपना पहला टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने का मौका होगा।
टॉस से ही बना दबाव
कप्तान मिचेल सेंटनर ने सही टॉस कॉल किया और हल्की सूखी पिच पर गेंदबाजों ने तुरंत असर दिखाया. कोल मैककॉन्ची ने अपने इकलौते ओवर में लगातार गेंदों पर क्विंटन डी कॉक और रयान रिकेल्टन को आउट कर साउथ अफ्रीका को 12/2 पर झटका दे दिया।
एडेन मार्करम को एक जीवनदान जरूर मिला जब रचिन रवींद्र ने मिड-विकेट पर कैच छोड़ा, लेकिन ज्यादा देर नहीं. रवींद्र ने ही बाद में मार्करम को फंसाया और डेरिल मिचेल ने लॉन्ग ऑन पर शानदार कैच लपका।
डेविड मिलर को भी ग्लेन फिलिप्स ने जीवनदान दिया, पर वह भी उसी ओवर में रवींद्र की धीमी गेंद पर आउट हो गए. ब्रेविस के विकेट के बाद स्कोर 77/5 हो चुका था।
जानसेन-स्टब्स ने सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया
मार्को जानसेन और ट्रिस्टन स्टब्स ने 16 ओवर तक टीम को 113/5 तक पहुंचाया. दोनों ने मैट हेनरी और जेम्स नीशाम पर बड़े शॉट्स लगाए. जानसेन ने 27 गेंदों में अर्धशतक जड़ा, लेकिन आखिरी ओवर में सिर्फ एक ही गेंद खेल पाए. साउथ अफ्रीका 20 ओवर में 169/8 तक पहुंच सका।
एलन-सिफर्ट का पावरप्ले धमाका
टारगेट 170 का था, लेकिन न्यूजीलैंड की शुरुआत तूफानी रही. फिन एलन और टिम सिफर्ट ने पावरप्ले में ही 84 रन जोड़कर मैच लगभग खत्म कर दिया।
सिफर्ट ने 28 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि एलन ने उससे 9 गेंद पहले पचासा जड़ा. दोनों के बीच 117 रन की साझेदारी टूटी जरूर, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. एलन ने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 100 रन ठोके. इसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे. यह T20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज शतक रहा, जिसने क्रिस गेल का का पुराना रिकॉर्ड 14 गेंद पहले तोड़ दिया. न्यूजीलैंड ने 12.5 ओवर में 173/1 बनाकर 7.1 ओवर शेष रहते मैच जीत लिया।
ईडन गार्डन्स में T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई. फिन एलेन ने 33 गेंदों में रिकॉर्ड 100* रन ठोके, जो टूर्नामेंट इतिहास का सबसे तेज शतक है. कीवी टीम ने 170 रन का लक्ष्य 12.5 ओवर में हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की।
आइए अब जान लेते फिन एलन ने जो टी20 वर्ल्ड का इतिहास का सबसे तेज शतक बनाया, उससे कौन कौन से रिकॉर्ड्स बने…
फिन एलन की पारी में महज चार डॉट्स थे. T20 WC सेमीफाइनल या फाइनल में अब तक कम से कम 30 गेंदों की 76 इंडिविजुअल इनिंग हुई हैं. उनमें से, सिर्फ विराट कोहली की 2014 के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 44 गेंदों पर 72 रन की पारी में कम डॉट्स (3) थे।
T20 वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज्यादा छक्के
20 – फिन एलन (2026)
19 – शिमरॉन हेटमायर (2026)
18 – साहिबजादा फरहान (2026)
17 – निकोलस पूरन (2024)
16 – क्रिस गेल (2012)
16 – रहमानुल्लाह गुरबाज़ (2024)
फिन एलन के 8 छक्के T20 WC इनिंग में NZ के लिए सबसे ज्यादा हैं वहीं ये T20 वर्ल्ड कप नॉकआउट में किसी के लिए भी सबसे ज्यादा हैं.
कुल 18 (10 चौके और 8 छक्के) फिन एलन के नाम अब T20 WC की एक पारी में सबसे ज़्यादा बाउंड्री लगाने का रिकॉर्ड है, साथ ही ब्रेंडन मैकुलम (11 चौके, 7 छक्के) के नाम भी इतने ही बाउंड्री हैं, जिन्होंने 2012 में पल्लेकेले में बांग्लादेश के खिलाफ बाउंड्री लगाई थी.
पुरुषों के T20 WC में लगातार सबसे ज्यादा जीत
12 – भारत (2024-2026)
8 – साउथ अफ्रीका (2024)
8 – ऑस्ट्रेलिया (2022-2024)
7 – साउथ अफ्रीका (2024)- यह सिलसिला 4 मार्च को खत्म हुआ
7 – इंग्लैंड (2010-2012)
7 – भारत (2012-2014)
T20 वर्ल्ड में न्यूजीलैंड के लिए शतक
123 – ब्रेंडन मैकुलम बनाम बांग्लादेश, पल्लेकेले, 2012
104 – ग्लेन फिलिप्स बनाम श्रीलंका, सिडनी, 2022
100* – फिन एलन बनाम साउथ अफ्रीका, कोलकाता, 2026
T20 WC नॉकआउट में सबसे ज्यादा स्कोर
100* – फिन एलन बनाम साउथ अफ्रीका, कोलकाता, 2026 SF
96* – तिलकरत्ने दिलशान बनाम WI, द ओवल, 2009 SF
89* – विराट कोहली बनाम WI, मुंबई WS, 2016 SF
86* – एलेक्स हेल्स बनाम IND, एडिलेड, 2022 SF
85* – मार्लन सैमुअल्स बनाम ENG, कोलकाता, 2016 फ़ाइनल
85 – केन विलियमसन बनाम AUS, दुबई, 2021, फाइनल
फिन एलन ने 100 रन बनाने में 33 गेंदें लीं
– T20 वर्ल्ड कप में यह सबसे तेज शतक रहा
– T20I में किसी फुल-मेंबर टीम के खिलाफ सबसे तेज
– सभी T20I में जॉइंट तीसरा सबसे तेज
– फुल मेंबर टीमों के किसी बैटर के लिए जॉइंट सबसे तेज, सिकंदर रजा ने गाम्बिया के खिलाफ, नैरोबी (2024) में इसी रफ्तार से शतक बनाया था.
सबसे तेजT20I शतक (गेंदों के हिसाब से)
27 – साहिल चौहान (एस्टोनिया) बनाम साइप्रस, एपिस्कोपी, 2024
29 – मुहम्मद फहाद (तुर्की) बनाम बुल्गारिया, सोफिया, 2025
33 – फिन एलन (NZ) बनाम SA, कोलकाता, 2026
33 – जान निकोल लॉफ्टी-ईटन (NAM) बनाम NEP, कीर्तिपुर, 2024
33 – सिकंदर रजा (ZIM) बनाम गाम्बिया, नैरोबी, 2024
T20 WC में पिछला सबसे तेज शतक 2016 में वानखेड़े में क्रिस गेल द्वारा इंग्लैंड के खिलाफ 47 गेंदों में आया था.


