धर्म ज्योतिष

आंखों का फड़कना: शुभ संकेत या अशुभ चेतावनी?

सामुद्रिक शास्त्र प्राचीन भारतीय विद्याओं में शामिल है. ये व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि शरीर की बनावट और अंगों की गतिविधियों के आधार पर भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत मिलता है. अक्सर व्यक्ति का कोई न कोई अंग फड़कता है. शरीर के अंगों की फड़कन एक शारीरिक क्रिया मान ली जाती है.

वहीं सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, शरीर के अंगों में होने वाली फड़कन आने समय की चेतावनी या शुभ संकेत देती है. सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि शरीर के कुछ अंगों का फड़कना बहुत शुभ और लाभकारी माना जाता है. जबकि कुछ अंगों का फड़कना बहुत अशुभ और नुकसान होने का संकेत देता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आंखों का फड़कना शुभ संकेत देता है या अशुभ.

पुरुषों की दाईं आंख फड़कना होता है शुभ

आंखों का फड़कना सबसे ज्यादा महसूस होता है. इसके मायने भी गहरे होते हैं. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, पुरुषों की दाईं आंख का फड़कना बहुत ही शुभ माना जाता है. अगर किसी पुरुष की दाईं आंख फड़कती है, तो इसका अर्थ है कि उसको जीवन में कोई खुशखबरी मिलने वाली है. लंबे समय से रुका हुआ कोई काम पूरा होने वाला है. दूसरी ओर महिलओं की दाईं आंख का फड़कना शुभ नहीं होता.

महिलाओं की बाईं आंख फड़कना है शुभ

महिलओं की दाईं आंख का फड़कना अशुभ होता है. ये किसी दुखद समाचार के मिलने का संकेत हो सकता है. महिलाओं की बायीं आंख फड़कना शुभ माना जाता है. अगर किसी महिला की बायीं आंख फड़क रही है, तो उसको जीवन में कोई अच्छी खबर मिल सकती है. धन लाभ हो सकता है. रुका हुआ पैसा मिल सकता है. नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है. ये घर में खुशखबरी या संतान सुख मिलने का संकेत भी होता है.

पुरुषों व महिलाओं की ये आंख का फड़कना अशुभ

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, पुरुषों की बाईं और महिलाओं की दाईं आंख का फड़कना बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता है. ये जीवन में संघर्ष और परेशानियों की ओर इशारा करता है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button