आर.टी.ई. अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन लॉटरी से चयन सूची जारी

रायपुर.
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार आर.टी.ई. अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु प्राप्त आवेदनों की चयन सूची ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से मंत्रालय महानदी भवन के मुख्यमंत्री कक्ष से जारी की गई। यह प्रक्रिया मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में सम्पन्न कराई गई। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी , उपसंचालक लोक शिक्षण अशोक नारायण बंजारा ,आर टी ई प्रभारी महेश नायक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आवेदन एवं चयन की स्थिति
इस वर्ष कुल 21 हज़ार 975 सीटों के विरुद्ध 38 हजार 439 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27 हजार 203 आवेदन पात्र एवं 11 हज़ार 236 आवेदन अपात्र पाए गए। पात्र आवेदनों में से 14 हजार 403 विद्यार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया गया है। यह चयन संख्या मुख्यमंत्री डी.ए.व्ही. विद्यालयों की आर.टी.ई. सीटों को छोड़कर है। इन विद्यालयों में जिला स्तर पर ऑफलाइन लॉटरी आयोजित कर पृथक जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल में अपडेट की जाएगी।
जिलेवार चयनित विद्यार्थियों का विवरण
जिलेवार चयनित विद्यार्थियों की स्थिति इस प्रकार है- रायपुर में 2606, बिलासपुर में 1509, दुर्ग में 1059, कोरबा में 534, राजनांदगांव में 480, बलौदाबाजार-भाटापारा में 457, जांजगीर-चांपा में 500, मुंगेली में 702, कवर्धा में 367, धमतरी में 354, बलरामपुर में 798, रायगढ़ में 544, बेमेतरा में 315, जशपुर में 543, सक्ती में 347, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 258, महासमुंद में 244, कांकेर में 471, बालोद में 353, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 195, सूरजपुर में 427, सरगुजा में 273, गरियाबंद में 193, कोरिया में 179, बस्तर में 135, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 206, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 112, कोंडागांव में 101, नारायणपुर में 35, मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 48, दंतेवाड़ा में 35, सुकमा में 9 तथा बीजापुर में 14 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
सीटें रिक्त रहने के प्रमुख कारण
कुछ निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. सीटें पूर्ण रूप से नहीं भर पाईं। इसका मुख्य कारण यह है कि कई विद्यालयों को आवेदकों द्वारा प्राथमिकता नहीं दी जाती, जिससे उनके लिए आवेदन प्राप्त नहीं होते। साथ ही जिन विद्यालयों को द्वितीय या तृतीय प्राथमिकता में रखा जाता है, वहां भी सीटें रिक्त रह जाती हैं, क्योंकि आवेदकों को उनकी प्रथम प्राथमिकता वाले विद्यालय में प्रवेश मिल जाता है। परिणामस्वरूप ऐसे विद्यालय, जो किसी भी आवेदक की प्राथमिकता में नहीं आते, उनकी सीटें खाली रह जाती हैं। राज्य शासन द्वारा आर.टी.ई. प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न किया गया है। आगामी चरणों में शेष सीटों की पूर्ति एवं ऑफलाइन लॉटरी से संबंधित जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल के माध्यम से जारी की जाएगी।



